Feb, 17, 2020
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कम बारिश कहीं बढ़ा ना दे मुसीबत?

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Maharashtra Desk : : भारत में लगातार बढ़ती गर्मी ने लोगों के लिए परेशानी बढ़ा दी है लेकिन इससे ज्यादा परेशानी अब किसानों की बढ़ने वाली है क्योंकि प्रमुख मौसम पूर्वानुमान प्राइवेट एजेंसी स्काईमेट ने मानसून का पूर्वानुमान जारी करते हुए किसानों की चिंता बढ़ा दी है. स्काईमेट की मानें तो आगामी मॉनसून में दीर्घावधि औसत (एलपिए) के मुकाबले 93%  वर्षा हो सकती है. स्काईमेट ने आकड़े जारी करते हुए बताया कि जून-सितंबर की चार माह की मानसून अवधि में दीर्घावधि औसत 887 मिलीमीटर की तुलना में कम वर्षा होगी. यानी जितनी बारिश होनी चाहिए उतनी बारिश होने की उम्मीद नही है. और अगर ऐसा हुआ तो किसानों और शहरी इलाको में पीने के पानी की किल्लत जरुर हो सकती है. पूर्वी भारत और मध्य भारत के ज्यादातर हिस्सों में खराब मानसून होने की आशंका भी जाहिर की गयी है. इन भागों में शुरुआत के दो महीनों में मानसून कमजोर हो सकता है.

 पूर्वानुमान के मुताबिक जून महीने की शुरुआत में मानसून का आगाज़ थोड़ा निराशाजनक होने वाला होगा जबकि जुलाई में भी स्थितियां बेहतर हो सकती है और फिर अगस्त में मानसून के बेहतर होने की उम्मीद है और बारिश में थोड़ा भारीपन भी देखने को मिल सकता है.

वहीं छत्तीसगढ़, उड़ीसा और तटीय आंध्र प्रदेश में पूरे मानसून में सामान्य बारिश की उम्मीद है.
स्काईमेट के सीईओ जतिन सिंह ने बताया कि प्रशांत महासागर सामान्य से काफी अधिक गर्म है. वहीं El Nino के मार्च से लेकर मई के बीच अस्तित्व में होने की संभावना 80% होगी. जबकि जुलाई अगस्त में प्रबलता कम होकर 60% होने की संभावन होगी.

फिलहाल स्काईमेट ने तो पूर्वानुमान लगा दिया कि इस साल बारिश औसत से कम होने वाली है और इस पूर्वानुमान के साथ ही किसानों की टेंशन भी बढ़ा दी लेकिन अब यह पूर्वानुमान कितना सही होगा यह तो बारिश के आने के बाद ही पता चलेगा।       

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