Oct, 16, 2019
HOTLINE: 9594041704
BREAKING NEWS

1 जुलाई से यह सेंवाए होंगी बिल्कुल मुफ्त

Sharing is caring!

Business Desk : मोदी सरकार ने जब से सत्ता संभाली है तब से ही ऑनलाइन लेनदेन पर ज्यादा जोर दे रही है। दूसरी बार सत्ता में आने के बाद इसको आगे बढ़ने के लिए और भी जोर लगाया जा रहा है। कैश ट्रांजैक्शन को कम करने और डिजिटल ट्रांजै क्शन को बढ़ावा देने के लिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने भी बड़ा फैसला लिया है। 

नए नियम के मुताबिक 1 जुलाई से बैंकों की कई सेवाओं पर कोई चार्ज नहीं लगेगा।  अब आपको ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के लिए पैसे खर्च करने की जरूरत नहीं है। RBI ने पैसा ट्रांसफर करने का शुल्क 1 जुलाई से समाप्त करने की घोषणा की है। आरबीआई के आदेश के बाद बैंकों को भी इस निर्देश का पालन करना होगा। 

आपको बता दें कि आरटीजीएस (RTGS) के तहत आपको बड़ा अमाउंट एक खाते से दूसरे खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर करने की सुविधा मिलती है, जिसके लिए आपको चार्ज देना होता है, लेकिन 1 जुलाई से अब ये सर्विस पूरी तरह फ्री हो जाएगी। ऐसे ही NEFT पर भी 2 लाख तक लेनदेन करने पर कोई चार्ज नहीं लगेगा। 

एनईएफटी और आरटीसीएस ट्रांजैक्शन के लिए अलग-अलग बैंक अलग-अलग चार्ज लेते हैं। जैसे एसबीआई एनईएफटी ट्रांजैक्शन के लिए 1 रुपये से 5 रुपये का चार्ज लेते हैं, जबकि आरटीजीएस के तहत 5 से 50 रुपये का चार्ज लेते हैं। इन चार्जेज को लेकर रिजर्व बैंक ने कहा कि आरटीजीएस और एनईएफटी के जरिये फंड ट्रांजैक्शन में न्यूनतम शुल्क लगाता है, जबकि बैंक अपने ग्राहकों से काफी अधिक चार्ज वसूलते हैं।

आरबीआई ने कहा है कि एटीएम के बढ़ते इस्तेमाल के बाद लगातार मांग बढ़ रही है कि एटीएम ट्रांजैक्शन को फ्री किया जाए। वहीं एटीएम संचालन करने वाली कंपनियों का कहना है कि एटीएम चलाना लगातार महंगा होता जा रहा है, जिसके बाद बैंक एटीएम चार्ज बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।

केंद्रीय बैंक ने इसे लेकर एक समिति गठित करने का फैसला किया है, जो सभी हितधारकों से विचार विमर्श करते हुए एटीएम शुल्क के हर पहलू पर विचार करेगी। दो महीने के भीतर से समिति अपनी रिपोर्ट आरबीआई को सौंपेगी। जिसके बाद  से लेन देन करना भी बिल्कुल मुफ्त हो सकता है। 

Leave a Reply

avatar
  Subscribe  
Notify of
Loading...