Feb, 24, 2020
HOTLINE: 9594041704
BREAKING NEWS

नवरात्री के पहले दिन का महत्व जानिए ?

Sharing is caring!

Religious Desk : आज यानि 6 अप्रैल को चैत्र मास की नवरात्री का पहला दिन है। नवरात्री के पहले दिन कलश की स्थापना की जाती है, जिसे घाट स्थापना भी कहा जाता है। 

नवरात्री के नौ दिनों में से पहले दिन माता शैलपुत्री की पूजा की जाती है। इसी दिन हिंदी तिथि से अर्थात हिन्दुओ के लिए नववर्ष की शुरुआत होती है। 

पर्वतराज हिमालय के घर पुत्री रूप में उत्पन्न होने के कारण माता का नाम “शैलपुत्री” पड़ा।  माता शैलपुत्री नंदी नाम के वृषभ पर सवारी करती है, उनके दाहिने हाथ में त्रिशूल और बाए हाथ में कमल का पुष्प रहता है। माता शैलपुत्री का पूजन करने से जीवन में स्थिरता और दृढ़ता आती है। माता शैलपुत्री का पूजन करने से महिलाओ को विशेष लाभ होता है।  माता के आशीर्वाद से महिलाओ की पारिवारिक जीवन में दुःख, दाम्पत्य जीवन में दिक्कते,शारीरिक कष्ट और बीमारिया  जीवन से दूर रहती है। साथ ही कुवारी लड़की अगर माँ शैलपुत्री का व्रत और पूजा करे तो उसे मनवांछित फल के साथ अच्छा वर भी प्राप्त होता है।  

इन बातो का ध्यान रखे माता शैलपुत्री की पूजा में :-

माता शैलपुत्री की पूजा अशुद्ध वस्त्र पहन कर ना करे। 

घर के किसी भी कमरे में अँधेरा न रहने से हर घर में रौशनी जलाकर रखे। 

किसी भी महिला का तिरस्कार न करे, चाहे वह आपकी माँ, बहन, भाभी, बुआ, सास, नन्द या कोई अन्य महिला हो उनका अपमान न करे। 

विशेष पूजा इस तरह करे :-

एक पान के पत्ते पर 27 लॉन्ग रखे। 

ॐ शैलपुत्रये नमः इस मन्त्र का 108 बार जप करे।

जाप के बाद सभी लॉन्ग को कलावे के सहारे बांध कर माता का ध्यान करते हुए उनके चरणों में अर्पित करे।  

ऐसा करने से माता खुश होती है, और उनके आशीर्वाद से घर में कुछ अशुभ नहीं होता है। 

माता आपकी सभी इच्छा पूरी करेंगी। उनकी कृपा आप पर सदा बनी रहेगी।  

Leave a Reply

avatar
  Subscribe  
Notify of
Loading...