Feb, 21, 2020
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नवरात्रि के सातवे दिन का महत्व, जानिए कैसे करें दुश्मनो का विनाश

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Religiouse Desk : आज चैत्र की नवरात्रि का सातवा दिन है। नवरात्रि में माँ के नौ रूपों की पूजा अलग-अलग दिन की जाती है। हर दिन की पूजा का अपना अलग महत्व होता है। माता के सातवे रूप की पूजा नवरात्री के सातवे दिन की जाती है। माता के सातवे रूप को “कालरात्रि” के नाम से जानी जाती है। माता के आशीर्वाद से विरोधी और शत्रुओ द्वारा किए गए तंत्र-मन्त्र का प्रभाव ख़त्म हो जाता है। 

पूजन की विशेष विधि:-

दीपक धुप जलाकर, बेसन के लड्डू, केला, लाल चुन्नी चढ़ाए। 

गुड़ से बने पकवान चढ़ाए। 

पिले झंडे को माता के चरणों में चढ़ा कर छत पर लगाए। 

माता को प्रसन्न करने के लिए भोग :-

नारियल का लड्डू भोग लगाए। माता कालरात्रि नारियल के भोग से बहुत प्रसन्न होती है। 

माता के प्रसन होने पर फल की प्राप्ति :-

कहते है माता हाथी पर चढ़कर आती है तो बारिस होती है, जो रबी फसल वालो के लिए अच्छी (फायदेमंद) साबित होती है। इस बार माता अगर बारिस अच्छे से देती है मतलब किसानो को राहत मिलेगी। 

दुश्मनो से बचने का उपाय :-

माता कालरात्रि के चरणों में चांदी की त्रिशूल चढ़ाकर अपने पास रखे। इसके प्रभाव से आपके किसी दुश्मन का कोई भी प्रभाव आप पर काम नहीं करेगा। 

माता की जाप का मन्त्र:-

या देवी सर्वभूतेषु माँ कालरात्रि रूपेण संस्थिता। 

नमस्तस्ये नमस्तस्ये नमस्तस्यै नमो नमः। 

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