Oct, 16, 2019
HOTLINE: 9594041704
BREAKING NEWS

देश के विकास के लिए जरूरी है 8 फीसदी की ग्रोथ रेट

Sharing is caring!

Bisiness Desk : मोदी सरकार ने गुरुवार को चालू वित्त वर्ष 2019-20 में आर्थिक वृद्धि दर 7 प्रतिशत रहने का अनुमान बताया है। वहीं इससे पहले पिछले वित्त वर्ष 2018-19 में सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी की वृद्धि दर पांच साल के न्यूनतम स्तर 6.8 प्रतिशत रही थी। जिसके बाद आर्थिक सर्वे में कहा गया है कि 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यस्था बनने के लिए भारत को 2025 तक 8 फीसदी जीडीपी ग्रोथ रेट को बनाए रखना होगा।

देश को 2024-25 तक 5,000 अरब अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लिए जीडीपी की वृद्धि दर को निरंतर 8 प्रतिशत पर रखने की जरूरत होगी। आर्थिक सर्वे के मुताबिक वित्त वर्ष 2024-25 तक भारत को 5,000 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा रखे गए लक्ष्य  को हासिल करने के लिए भारत को अपनी वास्तविक वृद्धि दर को 8 प्रतिशत पर बनाए रखने की जरूरत होगी।

वहीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा संसद में पेश 2018-19 की आर्थिक समीक्षा में कहा गया है कि 2019-20 में वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर 7 प्रतिशत रहने का अनुमान है। बीते वित्त वर्ष में पूरे साल वृद्धि दर के निचले स्तर पर रहने के बाद यह अर्थव्यवस्था की स्थिति में सुधार का संकेत है। समीक्षा में सुझाव दिया गया है कि डिमांड, नौकरियों, निर्यात की विभिन्नर आर्थिक चुनौतियों से निपटने के लिए इन्हें अलग समस्यादओं के रूप में नहीं, बल्कि एक साथ जोड़कर देखा जाना चाहिए। 

इसके साथ ही समीक्षा में 2018-19 में राजकोषीय घाटा बढ़कर 3.4 प्रतिशत पर पहुंच जाने का अनुमान लगाया गया है। अंतरिम बजट में भी राजकोषीय घाटा 3.4 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया था। आर्थिक समीक्षा में 2018-19 में राजकोषीय घाटा 5.8 प्रतिशत रहने का अनुमान था। 

Leave a Reply

avatar
  Subscribe  
Notify of
Loading...