Feb, 24, 2020
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जाने क्या है बिहार का इतिहास, कब मिला बिहार को राज्य का दर्जा ?

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Education Desk : प्राचीनकाल में बिहार मगध के नाम से जाना जाता था उस समय में मगध की राजधानी राज-गृह हुआ करती थी।  राज-गृह जिसे हम सभी राजगीर के नाम से जानते है। बौद्ध धर्म के नाम पर मगध (बिहार) का नाम बिहार पड़ा। वर्तमान में बिहार की राजधानी पटना है, जो प्राचीनकाल में भारत की राजधानी पाटलिग्राम के नाम से जानी जाती थी।

 बिहार एक ऐसा राज्य है जो तीर्थ स्थल के साथ-साथ और भी कई क्षेत्रो का आविष्कारक रहा है।  अर्धांगिनी माता सीता, लव-कुश, भगवान महावीर, आचार्य चाणक्य, आर्यभट्ट,सम्राट अशोक और प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद जैसे कई महान व्यक्ति की जन्मभूमि है बिहार। जैन धर्म के संस्थापक भगवान महावीर और सिख धर्म के आखरी गुरु, गुरु गोविन्द सिंह का जन्म बिहार की राजधानी पटना में हुआ था। आचर्य चाणक्य जैसे महान व्यक्ति जो हर तरह की निति में कुशल योद्धा थे।  उनका जन्म भी बिहार में हुआ था।  आर्यभट्ट जैसे महान गणितज्ञ और खगोल के बड़े बैज्ञानिक थे उनका जन्म भी बिहार में हुआ था।  सम्राट अशोक जिन्होंने स्वाधीन भारत के लिए संघर्ष किया  वह भी बिहार से थे।  ऐसे कई बड़े हस्ती और नामी व्यक्ति है जिन्होंने बिहार में जन्म लेकर बिहार का नाम फक्र से ऊंचा किया।

 ईस्ट इंडिया कंपनी के शाशन काल में बिहार के साथ कई अन्य राज्य जुड़े हुए थे।  बिहार को राज्य का दर्जा 22 मार्च 1912ई. को मिला था।  इसलिए 22 मार्च को बिहार दिवस के नाम से जाना जाता है।  जब बिहार को राज्य का दर्जा मिला तब बिहार के साथ झारखण्ड और उड़ीसा भी बिहार में ही सम्मिलित था।  1936ई. में बिहार से अलग कर के उड़ीसा को राज्य घोषित किया गया ।  साथ ही 2000 ई. में झारखण्ड को भी बिहार से अलग कर झारखण्ड राज्य घोषित किया गया।  वर्तमान में भी पुरे भारत में सबसे जायदा आईएएस और आईपीएस जैसे अधिकारी बिहार से  ही परीक्षा में सफल हो पद पर नियुक्त हो रहे है। 

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