Feb, 17, 2020
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ISRO का एक और ऐतिहासिक कदम…

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National Desk : भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन यानी कि इसरो ने सोमवार को एक नया इतिहास अपने नाम किया. अंतरिक्ष की दुनिया में भारत एक के बाद एक लगातार इतिहास रचता जा रहा है. आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा से आज सुबह 9.27 पर भारतीय रॉकेट पोलर सैटेलाइट लांच व्हीकल (पीएसएलवी) द्वारा इलेक्ट्रॉनिक इंटेलीजेंस उपग्रह, एमिसैट का प्रक्षेपण किया गया. इस सैटेलाइट को दुश्मन पर नज़र रखने के लिहाज से का अहम माना जा रहा है. इसरो के अनुसार, रॉकेट पहले 436 किग्रा के एमिसैट को 749 किलोमीटर के कक्ष में स्थापित करेगा. इसरो का ये प्रक्षेपण सफल हुआ है, 28 उपग्रहों को लेकर गया PSLV ने ऑर्बिट में प्रवेश कर लिया है. इसके बाद यह 28 उपग्रहों को 504 किमी की ऊंचाई पर उनके कक्ष में सुरक्षित स्थापित कर देगा. इसके बाद रॉकेट को 485 किमी तक नीचे लाया जाएगा.

इस पूरी उड़ान में 180 मिनट का समय लगने वाला है. रॉकेट ने सोमवार सुबह 9.27 मिनट पर उड़ान भरी. एमिसैट के अलावा लॉन्च होने वाले 28 अंतरराष्ट्रीय ग्राहक उपग्रहों का वजन 220 किलोग्राम है. इसमें 24 अमेरिका, दो लिथुआनिया के और स्पेन व स्विट्जरलैंड के एक-एक उपग्रह शामिल हैं.

इसरो के अध्यक्ष के. सिवान के अनुसार, “यह हमारे लिए विशेष मिशन है. हम चार स्ट्रैप ऑन मोटर्स के साथ एक पीएसएलवी रॉकेट का इस्तेमाल करेंगे, इसके अलावा पहली बार हम तीन अलग-अलग ऊंचाई पर रॉकेट के जरिए ऑर्बिट में स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं.”

वहीं ऐसा शायद पहली बार हुआ जब इसरो ने इस लॉन्च को आम लोगों के लिए खोला है, जिसके चलते आज करीब 1000 लोगों ने इस ऐतिहासिक दृश्य को देखा. जिसके बाद भारत ऐसा करने वाला दुनिया का दूसरा देश बन गये क्योंकि इससे पहले अभी तक सिर्फ अमेरिकी एजेंसी नासा ही ऐसा करती थी, जो आम लोगों के लिए इस तरह के प्रक्षेपण को खुला रखती थी.

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