Feb, 20, 2020
HOTLINE: 9594041704
BREAKING NEWS

जानिए कौन है देश का पहला लोकायुक्त

Sharing is caring!

National Desk : राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के सदस्य और सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस पिनाकी चंद्र घोष को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने देश का पहला लोकपाल नियुक्त कर दिया, देश में भ्रष्टाचार रोकने और सरकारी कार्यों में पारदर्शिता लाने के लिए लंबे अर्से से लोकपाल की नियुक्ति की मांग की जा रही थी. 


वर्ष 2013 में इसके लिए देशव्यापी आंदोलन हुआ था. और समाजसेवी अन्ना हजारे ने इसके लिए दिल्ली के रामलीला मैदान में अनशन किया.  BJP ने भी इस आंदोलन में बढ़-चढ़कर भूमिका निभाई थी. कई महीनों के प्रयासों के बाद आखिरकार तत्कालीन यूपीए सरकार ने लोकपाल कानून पारित किया, लेकिन लोकपाल की नियुक्ति नहीं की गई


इसी कानून के तहत देश के सभी राज्यों में लोकपाल की ही तरह लोकायुक्त नियुक्त करने का भी प्रावधान किया गया. लेकिन कानून बनने के बाद 5 साल तक इस पर अमल नहीं हुआ. राजनीतिक और सामाजिक संगठन इसके लिए बार-बार आंदोलन करते रहे, लेकिन सरकार ने इस पर ध्यान नहीं दिया. 


आखिरकार 2019 के आम चुनाव से पहले मंगलवार को देश के पहले लोकपाल की नियुक्ति कर दी गई.
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने मंगलवार को जिस जस्टिस पीसी घोष की इस पद पर नियुक्ति की है, उनके नाम की चर्चा पिछले कुछ दिनों से मीडिया में चल रही थी. जस्टिस घोष के नाम का चयन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली उच्च अधिकार प्राप्त समिति ने किया. सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बीते दिनों मीडिया के साथ बातचीत में कहा था कि जस्टिस पीसी घोष के नाम पर सर्वसम्मति बन गई है. 


जस्टिस घोष के अलावा लोकपाल के सदस्यों के रूप में कुछ न्यायिक सदस्यों और आम सदस्यों की भी नियुक्ति की गई है. राष्ट्रपति द्वारा लोकपाल की संस्था में जिन न्यायिक सदस्यों की नियुक्ति की गई है, उनमें जस्टिस दिलीप बी. भोसले, जस्टिस पीके मोहंती, जस्टिस अभिलाषा कुमारी और जस्टिस एके त्रिपाठी शामिल हैं. इनके अलावा दिनेश कुमार जैन, अर्चना रामसुंदरम, महेंदर सिंह और डॉ. आईपी गौतम को भी गैर-न्यायिक सदस्य के तौर पर लोकपाल की संस्था में नियुक्त किया गया है.

Leave a Reply

avatar
  Subscribe  
Notify of
Loading...