Sep, 22, 2019
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आज गणपति पूजा जरूर करना चाहिए – जानिए ऐसा क्यों ?

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आज 6 मार्च दिन बुधवार को फाल्गुन मास की अमावस्या है, और ऐसा माना जाता है की आज के दिन प्रथमपूज्य गणपति जी की पूजा करनी चाहिए, और ऐसे भी हर बुधवार को गणेश जी की पूजा करनी चाहिए, बुधवार गणेश जी का प्रिय दिन होता है। गणेश जी की पूजा किसी भी पूजा में पहले की जाती है, या फिर अगर हम किसी नई चीजों की शुरुआत करते है तो भी सर्वप्रथम गणपति जी का ही आवाहन करते है। जब देवताओ में कार्तिक और गणेश जी को लेकर प्रश्न उठा कि किनकी पूजा पहले होनी चाहिए तो, इस पर शंकर जी और माता पार्वती ने कहा जो सबसे पहले पूरी सृष्टि का 3 बार परिक्रमा कर हमारे पास वापस आएँगे उन्हें प्रथम पूज्य का अधिकार मिलेगा। तब कार्तिक जी अपने मयूर पे सवार हो के पूरी सृष्टि के परिक्रमा पे निकल गए और गणेश जी जिनकी सवारी थी मुसक उनके लिए तो जितना मुश्किल था चुकी मुसक और मयूर के मुकाबले तो मयूर की विजय निश्चित थी। 

फिर गणेश जी ने शंकर जी और माता पार्वती की 3 बार परिक्रमा पूरी कर उनकी चरणों में बैठ गए। फिर माता पार्वती ने जब उनसे पूछा पुत्र तुम क्यों नहीं गए सृष्टि परिक्रमा के लिए तब उन्होंने कहा माते हमारे लिए तो हमारे माता – पिता ही हमारी पूरी दुनिता होते है सो मेने तो परिक्रमा पूर्ण कर ली। फिर शंकर जी ने मुस्कुरा कर देवताओ से कहा आज से किसी भी पूजा से पहले गणेश की पूजा की जाएगी अन्यथा पूजा अधूरी रह जाएगी।  उस दिन से हर पूजा हर शुभ कार्य में सबसे पहले गणपति जी का ही आवाहन होता है, फिर अन्य देवी देवताओ का। इसी प्रकार आज फाल्गुन मास की अमावस्या है मतलब फाल्गुन मास के एक चरण को खत्म कर हम दूसरे चरण में कदम रखने जा रहे है जिसकी शुरुआत गणपति पूजा से करनी चाहिए, चुकी वो विघ्नहर्ता है।  अमावस्या को पवित्र नदी के जल से स्नान कर सच्चे मन से पूजा पाठ और दानपुण्य करना चाहिए। पूजन की विधि – सर्वप्रथम गणेश जी का आवाहन करना चाहिए, फिर उन्हें पञ्चामृत (दूध,घी,शहद,शकर और गंगाजल ) से स्नान करा कर वस्त्र – आभूषण आदि पहना कर पूजा के स्थान पर रखना चाहिए। उसके बाद फूल – फल, मिठाई-मोदक,धुप-अगरबत्ती से पूजा करनी चाहिए। मन्त्र जप दक्षिणा और आरती करनी चाहिए। मन्त्र – ॐ गं गणपतये नमो नमः  

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